Published By:धर्म पुराण डेस्क

विश्व की प्राचीन सभ्यताएं और हिन्दू (सनातन)धर्म, जानिए रहस्य…

नर्मदा घाटी में की गई खुदाई तथा मेहरगढ़ के अलावा कुछ अन्य नृवंशीय एवं पुरातत्वीय प्रमाणों से यह सिद्ध हो चुका है कि भारत की भूमि आदिमानव की प्राचीनतम कर्मभूमि रही है। यहीं से मानव ने अन्य जगहों पर बसाहट करने व वैदिक धर्म की नींव रखी थी..!

आज से 3,500 वर्ष पूर्व जो सभ्यताएं जीवित थीं उनके पाश्चात्य इतिहासकारों ने ‘प्राचीन सभ्यताएं’ मानकर ही मानव इतिहास और समाज का विश्लेषण किया, लेकिन उनका यह विश्लेषण एकदम गलत और ईसाई धर्म को स्थापित करने वाला था। इसके लिए उन्होंने ऐसे कई तथ्य न करें, जो प्राचीन भारत और चीन के इतिहास को महान बताते हैं और ईसा बाद के समाज से कहीं ज्यादा उन्हें सभ्य सिद्ध करते हैं।

प्राचीन सभ्यताओं पर अब कुछ ज्यादा ही शोध होने लगे हैं और उनसे नई-नई बातें निकलकर आ रही हैं, मसलन कि उनका एलियन से संबंध था और वे भी बिजली उत्पादन की तकनीक जानते थे। धरती पर फैली प्राचीन सभ्यताओं के बात करें तो धरती के पश्चिमी छोर पर रोम, ग्रीस और मिस्र देश की सभ्यताओं के नाम लिए जाते हैं तो पूर्वी छोर पर चीन का नाम लिया जाता है।

मध्य में स्थित भारत की चर्चा भर करके उसे छोड़ दिया जाता है। क्यों? क्योंकि भारत को जानने से उनके समाज और धर्म के सारे मापदंड गिरने लगते हैं, तो वे नहीं चाहते हैं कि भारत और उसके धर्म का सच लोगों के सामने आए। लेकिन सच कब तक छिपा रहेगा?

दुनियाभर की प्राचीन सभ्यताओं से हिन्दू (सनातन)धर्म का क्या कनेक्शन था? या कि संपूर्ण धरती पर हिन्दू (सनातन)वैदिक धर्म ने ही लोगों को सभ्य बनाने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में धार्मिक विचारधारा की नए नए रूप में स्थापना की थी? आज दुनियाभर की धार्मिक संस्कृति और समाज में हिन्दू (सनातन)धर्म की झलक देखी जा सकती है चाहे वह यहूदी धर्म हो, पारसी धर्म हो या ईसाई-इस्लाम धर्म हो।

ईसा से 2300-2150 वर्ष पूर्व सुमेरिया, 2000-400 वर्ष पूर्व बेबिलोनिया, 2000-250 ईसा पूर्व ईरान, 2000-150 ईसा पूर्व मिस्र (इजिप्ट), 1450-500 ईसा पूर्व असीरिया, 1450-150 ईसा पूर्व ग्रीस (यूनान), 800-500 ईसा पूर्व रोम की सभ्यताएं विद्यमान थीं। उक्त सभी से पूर्व महाभारत का युद्ध लड़ा गया था इसका मतलब कि 3500 ईसा पूर्व भारत में एक पूर्ण विकसित सभ्यता थी।

 

धर्म जगत

SEE MORE...........