Published By:धर्म पुराण डेस्क

माउथवॉश से नुकसान

हाल ही में फ्रंटियर्स इन सेल्युलर एंड इंफेक्शन माइक्रोबायोलॉजी में प्रकाशित एक शोध रिपोर्ट के अनुसार माउथवॉश में पाया जाने वाला एक कम्पाउंड फ्रेंडली' ओरल बैक्टीरिया को खत्म कर देता है। ये वे बैक्टीरिया हैं जो ब्लड प्रेशर के स्तर को नॉर्मल बनाए रखने में महत्वपूर्ण मदद करते हैं। 

इस शोध के अनुसार मुंह में पाया जाने वाला माइक्रोबायोम अच्छी कार्डियोवैस्कुलर सेहत को बनाए रखने में मदद करता है। यह माइक्रोबायोम भोजन से मिलने वाले नाइट्रेट को नाइट्रिक ऑक्साइड में बदलने की क्षमता रखता है जो कि ब्लड प्रेशर को नार्मल बनाए रखने वाला एक अणु है। 

शोध ने स्पष्ट किया कि माउथवॉश में पाया जाने वाला एक तत्व क्लोरहेक्सिडीन, नाइट्रिक ऑक्साइड बनाने वाले बैक्टीरिया को खत्म कर सकता है और परिणामस्वरूप सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक मात्र एक हफ्ते तक लगातार दिन में दो बार ऐसे माउथवॉश का प्रयोग करने से मुंह के इन अच्छे बैक्टीरिया की संख्या बहुत गिर जाती है।

इन बातों का रखें ध्यान-

माउथवॉश का अधिक उपयोग मुंह के गुड बैक्टीरिया को खत्म कर सकता है, यह एक महत्वपूर्ण और स्थापित तथ्य है। यही नहीं क्लोरहेक्सिडीन नाम का कम्पोनेंट बैक्टीरिया को खत्म करने के साथ ही जुबान की टेस्ट यानी स्वाद संबंधी ग्रंथियों पर भी बुरा असर डाल सकता है। 

कई बार डॉक्टर किसी कारण से कुछ समय के लिए मरीज को माउथवॉश प्रिस्क्राइब करते भी हैं तो यह ध्यान रखना है कि केवल उतने ही समय के लिए उसका प्रयोग किया जाए। चूंकि माउथवॉश जुबान को ताजगी का एहसास दिलाते हैं इसलिए अक्सर लोग इसको रूटीन में काम में लाने लगते हैं। ऐसा करने से बचना चाहिए। 

यदि आपको लंबे समय तक माउथवॉश का प्रयोग करने की जरूरत हो तो भी पहले डॉक्टर से सलाह लें और अपनी शारीरिक स्थिति व जरूरत के हिसाब से सही माउथवॉश चुनें। बिना कारण माउथवॉश का प्रयोग करने से बेहतर है सामान्य तरीके से ओरल हाइजीन का ध्यान रखना। अर्थात दिन में कम से कम दो बार दांतों को अच्छे से ब्रश करना, बहुत अधिक ठंडे या गर्म पदार्थ के सेवन से बचाव करना, मीठे या दांतों को नुकसान पहुंचाने वाले पदार्थ से दूरी बनाना और हर बार कुछ खाने के बाद कम से कम कुल्ला करना जरूरी है।


 

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