Published By:धर्म पुराण डेस्क

175 साल पुराने इस मंदिर में नवरात्रि पर दर्शन के लिए आते हैं बाघ..! इंसानों पर नहीं करते हमला

मध्य प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी में 175 साल पुराना है अंबा माई मंदिर. जहां नवरात्र में माता जी के दर्शन करने आते हैं बाघ. बहुत प्रसिद्ध हैं इस मंदिर से जुड़े चमत्कारी प्रसंग. उनके बारे में विस्तार से जानिए..!

देवी के भक्त हर दिन नवरात्रि में माता अम्बा की पूजा करने के लिए अंबा माई मंदिर आते हैं. जहां देश के प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है. तो वहीं  कई ऐसे प्राचीन मंदिर भी हैं जहाँ दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं. जो अपने चमत्कारों और मनोकामना पूर्ति के लिए जाने जाते हैं.

ऐसा ही एक मंदिर मध्य प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी में है. पचमढ़ी में 175 साल पुराना अंबा माई का मंदिर है. जहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी मुरादें लेकर पहुंचते हैं.

उल्टे सिंह पर विराजमान हैं माँ-

चैत्र नवरात्रि पर हिल स्टेशन पचमढ़ी का एक प्राचीन अंबा माई मंदिर भक्तों से भरा रहता है. यहां 9 दिन तक भव्य रूप में माँ की पूजा होती है. इन दिनों दूर-दूर से श्रद्धालु विशेष रूप से संतान सुख की कामना लिए आते हैं.

इस मंदिर में देवी उल्टे सिंह पर विराजमान हैं और इस वजह से तांत्रिकों की आस्था उन पर बहुत अधिक है. इस मंदिर में बड़ी संख्या में तांत्रिक आते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं.

मां को देखने आता है बाघ-

इससे भी बड़े चमत्कार की बात करें तो पचमढ़ी के इस मंदिर में बाघ माताजी के दर्शन करने आते है. हर साल कम से कम एक बार नवरात्रि में मंदिर में आकर माताजी के दर्शन करते हैं.

नवरात्रि के दौरान हजारों लोगों ने यहां बाघों को देखा है. कमाल की बात यह है कि खतरनाक जंगली जानवर किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते और माताजी के दर्शन कर चले जाते हैं.

संतान सुख का मिलता है वरदान-

अंबा माता मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहां संतान प्राप्ति की मनोकामना ज़रूर पूरी होती है. निसंतान दंपत्ति निराश होकर नहीं जाते. उनकी मन्नत पूरी होने के बाद लोग फिर से यहां प्रसाद चढ़ाने और माताजी का आशीर्वाद लेने ज़रूर आते हैं.


 

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